Sunday, June 20, 2021

💪💪 निचले पार्वतीअ क्षेत्रों में सेब की पैदावार 💪💪 Apple Plantation In Lower Altitude Areas

 




नौणी यूनिवर्सिटी के अनुसन्धान कर्ताओ के अथक प्रयासों से आज सेब के खेती निचले पर्वतीअ खेत्रो में भी संभव हो गई है | इसी का उदहारण मेरे गाँव कृषनगढ़ कुठार में है जो  की समुद्र तल से लगभग ३३०० फ़ीट की ऊंचाई पर है | यहाँ श्री लक्ष्मी नंद शर्मा जी के परिवार ने जनवरी 2020 में सेब के एक दर्जन पौधों का रोपण कर के एक प्रयोग करने की सोची, और लगभग 18 महीनों के उपरांत ही इनमें फल लग कर तैयार होने की कगार पर है | 

इन पौधों का रोपण जनवरी मास में किआ जाता है| इनको आप नौणी विश्वविद्यालय से ले सकते हैं| 




एक पौधे की कीमत लगभग ३०० से 400 तक की होती है | 

इन पौधों में फरवरी और मार्च के महीनों में फुल खिलते हैं | 




 
ये कुछ फल जो पंछिओं ने गिरा दिए | पर कहते हैं ना की पंछिओं के खाए हुए फल और भी मीठे होते, पता नहीं पर ये इस समय कुछ ज्यादा मीठे नहीं थे 😀😀 और इन्हे तोतो ने खाया नहीं बस किरा के निकल लिए | 






जुलाई के अंत तक फल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा | अभी रंग थोड़ा चढ़ना शुरू हुआ है | 
 

इन् ख़ास किस्मों की खास बात ये है की ये बहुत जल्दी फल देना शुरू कर देते है और दो पौधों के बिच की दुरी मात्र तीन फ़ीट की ही होती है | तो थोड़ी जगह मैं भी काफी पौधे लगाए जा सकते हैं | 


Lakshmi nand sharma g

आप इन फलों के आकार का अनुमान इस चित्र से लगा सकते हैं |ये लिम्का की बोतल इसके आकर को दर्शाने के लिए यहाँ दर्शाई गई है | 




 

ये पहला सेब जो हल्का लाल रंग का हुआ है, ये भी पूरी तरह से तैयार नहीं था| ये पहला सेब जो की श्री लक्ष्मी नन्द शर्मा जी ने अपनी धर्म पत्नी श्रीमती कमला शर्मा को भेंट किआ 💕💕💕💕







हमें आशा ही नहीं पूरा विश्वास है की कृषनगढ़ के और इसके आसपास के लोग इससे प्रेरणा लेकर कुठार में भी सेब के बागान लगाएंगे, वो दिन शायद दूर नहीं जबा निचले पर्वतीअ क्षेतों से भी सेब की पैदावार शुरू हो जाएगी | 


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