Tuesday, December 22, 2020

Taare Ke Gu Ki Kahani (तारे का गु असल में क्या है ?)

अगर आप हिमाचल से हैं और हिमाचल में भी गांव से, तो आपने एक अद्भुत चीज के बारे में अवश्य सुना होगा या शायद देखा भी होगा जिसे तारे का गू या तारे की टट्टी कहां जाता है। 

ये बात 1990 के दशक की है जब हम गायों को चराने के लिए जंगल में जाया करते थे। कई बार हमें एक अद्भुत सी चीज जमीन पे पड़ी या कहीं पेड़ या किसी झाड़ी में दिख जाया करती थी, बड़ों से पूछने का जवाब मिला कि ये तारों का गू है और अगर उसे कोई गिरता हुआ पकड़ ले तो वो रातों-रात लखपति बन जाता है।

सच बताऊं तो बचपन में दो चीजों की बहुत खोज रही एक तो मिस्टर इंडिया वाली घड़ी और दूसरा तारों का गू गिरता हुआ पकड़ना है।

यह तो चलो बचपन की बात थी पर आखिर वह चीज है क्या, बहुत कम लोग जानते हैं और हमारे हिमाचल में अगर किसी से पूछो तो जवाब एक ही होता की तारे का गू है या कुछ लोग कहते हैं कि कोई कीड़ा।

अब यह असल में क्या है कहां से आता है आज मैं उसी के बारे में आपको थोड़ा सा जानकारी दे देता हूं ताकि आप भी बच्चों के सवालों का सही से जवाब दे सके या जिसको यह चीज नहीं मालूम है उनको थोड़ा ध्यान दे सकें।




आपने एक कीड़ा अवश्य देखा होगा जो अपने आगे की दो टाँगे इस तरह रखता है मानो प्रार्थना कर रहा हो,

इसको अंग्रेजी  मैं प्रेइंग मेंटिस कहते है और हिंदी में बद्धहस्त कीट कहते है| ये हरी सी दिखने वाली चीज़ जिसे हम सब तारे का गु कहते हैं असल में ओत्तेका है| प्रेइंग मैंटिस अपने अंडो को इस के अंदर रखता है ताकि उनको ठण्ड, बरसात आदि में बचाया जा सके| अपने अंडो को इसके अंदर रख कर और ये बोरी से बना कर माँ अपने बच्चों की सुरक्षा का प्रभंध करने के  बाद अपनी देह त्याग देती है, या यूँ कहें की उसकी मृत्यु हो जाती है| 

अब जब बसंत आती है तो ये बचे इसमें से बाहर आ जाते हैं और एक मेरा अनुमान है की इसी को खा कर वो कुछ समय तक बड़े होते है और फिर उसके बाद वो स्वयं सक्षम हो जाते हैं भोजन जुटाने के लिए  

इनका जीवन काल मात्र बसंत से लेकर पतझड़ तक होता है कुछ लोग अंधविश्वास के कारण इनको इकट्ठा करते हैं जिससे यह खत्म होते जा रहे हैं हम सबको चाहिए कि अगर हमें जंगल में कहीं दिखे तो उस घास की पंखुड़ी को वैसे ही रहने दें ताकि यह बच्चे एक व्यस्क में तब्दील हो सके।
इनका मुख्य भोजन कीड़े मकोड़े मच्छर होते हैं तो इनका हमारे पर्यावरण में होना बहुत आवश्यक है हमारे उद्यानों में जहां मच्छर मक्खी बहुत ज्यादा हूं वहां अगर यह हो तो वह एक मात्रा में नियंत्रित रहते हैं|
इस चित्र में देखिए किस तरह एक प्रयिंग मैंटिस ने एक मक्खी को अपना भोजन बनाया है|

तो यह कहना कि इनको घर में रखकर धन में वृद्धि होती है यह सब अंधविश्वास की बातें है। इन्हें जंगल में ही रहने दें तोड़कर घर ना लाएं अगर किसी घास की पंखुड़ी या किसी डाली पर यह है तो उसे वैसे ही रहने दें ये हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है वरना आजकल सिर्फ स्प्रे का ही जमाना रह गया दवाइयां घास के ऊपर, दवाइयां फसल के ऊपर, दवाइयां हर जगह दवाइयां ही दवाइयां कीड़ों को बचाकर हम अपनी खेती को बचा सकते हैं|

इस कीड़े को और इस चीज़ को आपकी भाषा में क्या बोलते निचे कमैंट्स मैं सांझा करें ताकि हमारा भी थोड़ा ज्ञान वर्धन हो |

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